बिश्नोई टाइम्स ब्यूरो (इंटरनेशनल डेस्क):…
मध्य पूर्व (Middle East) का युद्धक्षेत्र अब केवल क्षेत्रीय विद्रोही गुटों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें सीधे तौर पर परमाणु शक्ति संपन्न पाकिस्तान की एंट्री हो गई है। खुफिया सूत्रों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान एयरफोर्स (PAF) के लड़ाकू विमानों ने यमन में सक्रिय हूती विद्रोहियों के कई रणनीतिक ठिकानों और मिसाइल लॉन्च पैड्स पर भीषण हवाई हमले किए हैं। इस एयरस्ट्राइक के साथ ही इस्लामाबाद ने साफ कर दिया है कि वह सऊदी अरब के रक्षा कवच के रूप में खुलकर मैदान में उतर चुका है।
सऊदी अरब के समर्थन में पाकिस्तान का बड़ा दांव…
सऊदी अरब पर हूतियों द्वारा लगातार किए जा रहे बैलिस्टिक मिसाइल और आत्मघाती ड्रोन हमलों के बाद से ही रियाद और इस्लामाबाद के बीच उच्चस्तरीय सैन्य समन्वय देखा जा रहा था। पाकिस्तान के इस बड़े हवाई एक्शन को सऊदी राजघराने के साथ उसकी रणनीतिक और रक्षा प्रतिबद्धता का सबसे आक्रामक प्रदर्शन माना जा रहा है।
तेहरान के सीधे निशाने पर इस्लामाबाद…
हूती विद्रोहियों को ईरान का प्रत्यक्ष बैकअप और हथियार हासिल हैं। ऐसे में पाकिस्तानी जेट्स द्वारा की गई यह बमबारी सीधे तौर पर ईरान के प्रभाव क्षेत्र पर चोट है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से पाकिस्तान और ईरान के बीच पहले से ही बलूचिस्तान सीमा को लेकर जारी अविश्वास और तल्खियां अब खुली दुश्मनी में बदल सकती हैं।
वैश्विक समुद्री मार्ग और रेड सी में अलर्ट…
रेड सी और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में जहाजों पर हो रहे हमलों के बीच पाकिस्तान का यह दखल पूरे अरब प्रायद्वीप के समीकरण को बदल सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है।