कनाडा में बिश्नोई समुदाय के व्यक्ति को सरनेम के चलते निशाना बनाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने आरोप लगाया है कि केवल गाड़ी की नंबर प्लेट पर 'बिश्नोई' लिखा होने के कारण कुछ उपद्रवियों ने उनकी गाड़ी रुकवाकर मारपीट की। इस घटना के बाद से भारत सहित दुनियाभर में बसे बिश्नोई समुदाय में भारी रोष व्याप्त है।
पीड़ित अंकुश बिश्नोई के अनुसार, वह अपनी निजी गाड़ी से जा रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी को जबरन रुकवाया। हमलावरों ने गाड़ी की नंबर प्लेट पर लिखे उपनाम (सरनेम) को देखकर उन्हें रोका और आरोप लगाया कि उनका संबंध किसी आपराधिक गिरोह से है। अंकुश ने स्पष्ट किया कि वे एक सामान्य नागरिक हैं, किसी भी गिरोह से उनका कोई लेना-देना नहीं है और बिश्नोई उनका पारिवारिक उपनाम है। इसके बावजूद हमलावरों ने उनकी बात नहीं सुनी और उनके साथ हाथापाई व मारपीट की।
पुलिस कार्रवाई और निर्देशों पर सवाल
घटना के बाद अंकुश ने स्थानीय पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, उनका कहना है कि पुलिस ने इस संवेदनशील मामले को सामान्य मारपीट की धाराओं में दर्ज किया, जबकि यह सीधे तौर पर सामुदायिक पहचान और सरनेम को निशाना बनाकर किया गया हमला था। इसके अलावा, प्रशासन की ओर से गाड़ियों पर उपनाम या विशेष पहचान वाले नंबर प्लेट न लगाने से जुड़े निर्देशों के बाद समुदाय में नाराजगी और बढ़ गई है।
बिश्नोई समाज ने जताई कड़ी आपत्ति
इस घटनाक्रम पर भारत और विदेशों में रहने वाले बिश्नोई समाज के प्रबुद्ध नागरिकों व संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। समुदाय का कहना है कि:
बिश्नोई समाज ऐतिहासिक रूप से पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव रक्षा और अहिंसा के सिद्धांतों के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।
किसी भी आपराधिक संदर्भ में पूरे समाज या उपनाम को घसीटना पूरी तरह गलत और अन्यायपूर्ण है।
विदेशों में रह रहे निर्दोष छात्रों, पेशेवरों और नागरिकों को केवल उनकी पहचान या सरनेम के आधार पर प्रताड़ित या स्टीरियोटाइप न किया जाए।
समुदाय ने मांग की है कि संबंधित प्रशासन ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच करे और निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे।