गुजरात में इस वर्ष मानसून की बेरुखी और कम बारिश के कारण उत्पन्न हुई सूखे जैसी स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। सरकार ने कृषि संकट से जूझ रहे चार जिलों को आधिकारिक तौर पर सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है। इन जिलों के किसानों को भारी फसल नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने राहत कार्यों को तेज कर दिया है।
किसानों को मिलेगी यह विशेष मदद
प्रभावित किसानों को इस संकट से उबारने के लिए राज्य सरकार ने राहत उपायों का ऐलान किया है:
फसल मुआवजा (Crop Compensation): जिन किसानों की फसलें सूखे की वजह से नष्ट हुई हैं, उन्हें सर्वे कराकर नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
बिजली बिल और ऋण राहत: प्रभावित क्षेत्रों के किसानों के कृषि बिजली बिलों में छूट और सहकारी ऋणों की वसूली पर रोक या पुनर्गठन की सुविधा दी जा सकती है।
पेयजल और चारे की व्यवस्था: ग्रामीण इलाकों में मवेशियों के लिए चारे की कोई कमी न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। साथ ही पीने के पानी के टैंकर भी चलाए जा रहे हैं।
प्रशासन ने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द फसल नुकसान का आकलन (Survey) पूरा करें, ताकि पात्र किसानों के खातों में समय पर सहायता राशि पहुंचाई जा सके। सरकार के इस कदम से संकट में फंसे अन्नदाताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।