नई दिल्ली:
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने G-20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान वैश्विक मंच पर भारत का पक्ष बेहद मजबूती के साथ रखा है। उन्होंने दुनिया के सामने मौजूदा वैश्विक संकटों और चुनौतियों का जिक्र करते हुए साफ शब्दों में कहा कि आज के दौर में अंतरराष्ट्रीय समस्याओं का समाधान सैन्य ताकत के बल पर नहीं निकाला जा सकता, बल्कि इसके लिए कूटनीति और आपसी संवाद का रास्ता अपनाना बेहद जरूरी है।
बैठक के दौरान विदेश मंत्री ने आतंकवाद के गंभीर खतरे के प्रति भी दुनिया को आगाह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद जैसी वैश्विक समस्या को नजरअंदाज करना या इस पर दोहरा रवैया अपनाना पूरी मानवता के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
भारत की ओर से रखी गई इस दो टूक और स्पष्ट बात की अंतरराष्ट्रीय गलियारों में जमकर चर्चा हो रही है। वैश्विक मंच पर भारत के इस कड़े रुख को एक जिम्मेदार और शांति के पैरोकार देश के रूप में देखा जा रहा है।